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सहरसा में दर्दनाक सड़क हादसा: ससुराल जा रहे 22 वर्षीय युवक की मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर से मचा कोहराम

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बिहार के सहरसा में सहरसा–सुपौल मुख्य मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पुलिस जांच में जुटी है।


सहरसा/आलम की खबर:बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। सहरसा–सुपौल मुख्य मार्ग पर देर रात हुए इस हादसे में एक 22 वर्षीय युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया है, जबकि परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के पूरीख वार्ड नंबर-3 निवासी 22 वर्षीय छोटकू कुमार के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार छोटकू कुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और परिवार की जिम्मेदारियों को संभाल रहा था।

घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, छोटकू कुमार अपनी बाइक से ससुराल जा रहा था। इसी दौरान सहरसा–सुपौल मुख्य मार्ग पर किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलने पर बिहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। शुरुआती पहचान न होने के कारण पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के इलाकों में सूचना प्रसारित की और सोशल मीडिया के माध्यम से भी पहचान की कोशिश की।

शुक्रवार सुबह परिजनों ने शव की पहचान छोटकू कुमार के रूप में की। जैसे ही शव घर पहुंचा, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का कहना है कि छोटकू परिवार का सबसे बड़ा सहारा था और उसकी मौत ने पूरे घर को तोड़ दिया है।

मृतक के पिता भूपी सदा ने बताया कि छोटकू उनके छह बेटों में तीसरे नंबर पर था। वह मेहनत कर पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभा रहा था और उसके दो छोटे बच्चे भी हैं। परिवार पहले ही आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था, अब इस हादसे ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

ग्रामीणों के अनुसार छोटकू कुमार बेहद मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था। वह कुछ महीने पहले ही दिल्ली से अपने गांव लौटा था और परिवार के साथ समय बिता रहा था। गांव में उसकी अच्छी छवि थी और लोग उसे मेहनती युवक के रूप में जानते थे।

हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि सहरसा–सुपौल मार्ग पर तेज रफ्तार वाहन लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

बिहरा थाना अध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही वाहन और चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

तेज रफ्तार और लापरवाही बनती जा रही है जानलेवा

सहरसा में हुआ यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है। एक मेहनतकश युवा, जो अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था, उसकी जिंदगी एक अज्ञात वाहन की टक्कर में खत्म हो गई। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरियों का संकेत है।

ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की कमी और निगरानी व्यवस्था की कमजोरी लगातार ऐसे हादसों को जन्म दे रही है। जरूरत इस बात की है कि सड़क सुरक्षा नियमों को जमीन पर सख्ती से लागू किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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